By Dr. Nazim, Aayat Clinic
फ़ॉक्सलेन न्यूज़। बरसात का मौसम जहाँ वातावरण को ठंडा और सुहावना बनाता है, वहीं यह बच्चों की सेहत के लिए कई तरह की चुनौतियाँ भी लेकर आता है। पूर्व में नोएडा के कैलाश हॉस्पिटल व वर्तमान में आयात क्लिनिक में अपनी सेवा दे रहे डॉ. नाज़िम ने बताया बारिश से नमी और गंदगी बढ़ने लगती है, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेज़ हो जाता है। ऐसे में छोटे बच्चे विभिन्न बीमारियों की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।

बरसात में बच्चों को होने वाली प्रमुख समस्याएँ
मच्छरों से फैलने वाली बीमारियाँ
बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। मलेरिया और डेंगू जैसे रोग बच्चों में तेज़ बुखार, कमजोरी और प्लेटलेट्स की कमी जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
सर्दी-खाँसी और श्वसन रोग
भीगने या ठंडी हवा लगने से बच्चों को सर्दी-जुकाम, गले का इंफेक्शन और कभी-कभी न्यूमोनिया जैसी बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

बचाव के आसान उपाय
🛡️ बच्चों की सुरक्षा के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
बच्चों को बारिश के पानी में भीगने से बचाएँ।
हमेशा उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी ही पिलाएँ।
मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट या मच्छर रोधी कॉइल का इस्तेमाल करें।
बच्चों को गीले कपड़े पहनकर न रहने दें और समय पर कपड़े बदलें।
यदि बच्चे को तेज़ बुखार, लगातार दस्त या साँस लेने में तकलीफ़ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।








