गाज़ियाबाद। (फ़ॉक्सलेन न्यूज)
गाज़ियाबाद और आस-पास के ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। ईस्टर्न पेरीफेरल और दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बसे गांवों को अब गाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के दायरे में शामिल किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और विकास की रफ्तार और तेज़ होगी।
मोदीनगर तहसील के 29 गांव होंगे शामिल
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से लगे मोदीनगर तहसील के कुल 29 गांवों को जीडीए में शामिल किया जाएगा। इनमें नेकरपुर सावितानगर, बिहांग, रेवड़ा रावरी, हुसैनपुर, मालनपुर, शाहजादपुर, अजवापुर समेत कई बड़े गांव शामिल हैं। इन गांवों को सड़क, बिजली, सीवर, जल निकासी और पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का सीधा फायदा मिलेगा।
मोदीनगर और गाज़ियाबाद तहसील के 32 गांवों को भी मिलेगा लाभ
वहीं दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बसे मोदीनगर और गाज़ियाबाद तहसील के 32 गांव भी अब जीडीए के अंतर्गत आएंगे। इसमें मुरादनगर तहसील के किलौड़ा, भड़ोला, अमराला, शकरपुर, कसिमपुर, सुजानपुर, जहांगिरपुर और कई अन्य गांव शामिल हैं।

लाभ क्या होंगे?
सड़कों और सीवर की बेहतर व्यवस्था।
साफ-सफाई और हरियाली को बढ़ावा।
बिजली-पानी की दिक्कतों से मिलेगी राहत।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार।
प्रॉपर्टी और ज़मीनों की कीमतों में वृद्धि।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि जीडीए की सीमा में आने के बाद उनके गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। ग्रामीणों को शहरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी और रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे।






