नई दिल्ली। (फ़ॉक्सलेन न्यूज़) डिजिटल शॉपिंग का क्रेज जितना तेज़ी से बढ़ा है, उतनी ही तेज़ी से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नकली और जाली उत्पादों का धंधा भी फैल रहा है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी से जून 2025 तक ही 7,221 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 4,997 और 2023 में सिर्फ 2,211 थी। यानी पिछले दो सालों में यह समस्या तीन गुना से भी ज़्यादा बढ़ गई है।
किन राज्यों से आ रही सबसे ज्यादा शिकायतें?
उत्तर प्रदेश: 1,039 शिकायतें
दिल्ली: 512 शिकायतें
बिहार: 460 शिकायतें
झारखंड: 115 शिकायतें
उत्तराखंड: 78 शिकायतें
(यह आंकड़े 1 जनवरी से 30 जून 2025 तक के हैं)

लोग किस सामान को लेकर परेशान?
खरीदारों की सबसे बड़ी शिकायतें जूते, कॉस्मेटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी हैं। कई बार प्रोडक्ट पैकिंग से असली लगता है, लेकिन इस्तेमाल करते ही ग्राहकों को पता चलता है कि उन्होंने नकली या जाली सामान खरीद लिया है।
क्या कर रही है सरकार?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) लगातार ई-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों पर छापेमारी कर नकली उत्पादों को जब्त कर रहा है। इसके बावजूद शिकायतों का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।

उपभोक्ताओं को चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग करते समय ग्राहकों को सर्टिफाइड सेलर, प्रोडक्ट रिव्यू और BIS मार्क पर खास ध्यान देना चाहिए, वरना सस्ते ऑफर के चक्कर में नकली सामान हाथ लग सकता है।







